Medically reviewed by Dr. Prem Ratan Degawat, MD, DM (Cardiology)
Senior Interventional Cardiologist · Associate Director, TAVR & Structural Heart Disease Program, Eternal Hospital, Jaipur
Last updated on Sun 7, 2026 · LinkedIn profile
TAVI हो गई। आप घर आ गए। अब क्या?
यह सवाल बहुत ज़रूरी है। TAVI एक सफल प्रक्रिया है, लेकिन रिकवरी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सर्जरी। जयपुर में TAVI करवाने के बाद बहुत से मरीज़ पूछते हैं। “डॉक्टर साहब, घर पर क्या खाएँ? सीढ़ियाँ कब चढ़ सकते हैं? कौन सी दवाई कब लेनी है?”
यह गाइड उन्हीं सवालों का जवाब है। डॉ. प्रेम रतन देगावत के 600 से ज़्यादा TAVI केस के अनुभव पर आधारित यह गाइड आपको कदम-दर-कदम समझाएगी। इसे पढ़कर आप खुद भी समझेंगे और घर के लोगों को भी सही देखभाल के बारे में बता सकेंगे।
पहले हफ्ते घर पर क्या करें?
थकान सामान्य है: घबराएँ नहीं
TAVI के बाद पहला हफ्ता सबसे अलग होता है। आपका शरीर अभी ठीक हो रहा है। इसलिए:
- बहुत ज़्यादा थकान लगेगी। यह बिलकुल सामान्य है।
- दिन में 2-3 बार आराम करें।
- रात को 8-9 घंटे की नींद ज़रूर लें।
- अचानक न खड़े हों। धीरे-धीरे उठें।
घाव की देखभाल
TAVI में आमतौर पर पाँव के पास या हाथ की नस में एक छोटा-सा छेद किया जाता है। उस जगह का ध्यान रखना ज़रूरी है।
- घाव को सूखा रखें।
- पहले 3-4 दिन नहाने से बचें। कपड़े से पोंछकर साफ करें।
- अगर पट्टी उठानी हो तो डॉक्टर के बताए तरीके से ही हटाएँ।
- घाव पर कोई तेल, हल्दी या देसी नुस्खा बिलकुल न लगाएँ।
- वहाँ टाइट कपड़े या बेल्ट न बाँधें।
क्या कर सकते हैं, क्या नहीं
यह कर सकते हैं:
- घर के अंदर धीरे-धीरे चलें।
- खुद कपड़े पहनें और खाना खाएँ।
- TV देखें, बातें करें, परिवार के साथ बैठें।
- हल्का पढ़ना या मोबाइल देखना।
यह नहीं करें पहले हफ्ते:
- भार उठाना (2 किलो से ज़्यादा नहीं)।
- सीढ़ियाँ बार-बार चढ़ना।
- गाड़ी चलाना।
- नहाने के बाद ज़्यादा देर खड़े रहना।
TAVI के बाद दवाइयाँ: क्या लेनी है और क्यों?
खून पतला करने की दवाई, सबसे ज़रूरी
यह दवाई TAVI के बाद हर मरीज़ को दी जाती है। इसका नाम आमतौर पर Aspirin या Clopidogrel होता है, या दोनों मिलाकर।
क्यों ज़रूर लेनी है: TAVI में जो नई वाल्व लगती है, उस पर पहले कुछ महीने में खून जमने का खतरा रहता है। यह दवाई इसे रोकती है।
कितने समय तक लेनी है: डॉक्टर के हिसाब से 1 महीने से 6 महीने तक। कुछ केस में पूरी उम्र।
बहुत ज़रूरी बात: कभी भी खुद से बंद न करें। चाहे पेट में जलन हो या कोई और तकलीफ हो, पहले डॉक्टर से बात करें।
अगर एक डोज़ मिस हो जाए
- याद आते ही उसी दिन ले लें।
- अगर अगली डोज़ का समय हो गया हो तो सिर्फ अगली डोज़ लें।
- दोहरी डोज़ कभी मत लें।
- डॉ. देगावत के क्लिनिक का नंबर सेव रखें: +91-9549158888
ब्लड प्रेशर की दवाई
TAVI के बाद ब्लड प्रेशर नियंत्रण बहुत ज़रूरी है। डॉक्टर ने जो दवाई दी है उसे नियमित लें। घर पर BP मशीन रखें और रोज़ सुबह नोट करें।
लक्ष्य BP: 120/80 के आसपास। अगर 150 से ज़्यादा हो तो डॉक्टर को बताएँ।
पानी की गोली (Diuretics), अगर दी गई हो
कुछ मरीज़ों को शरीर से फालतू पानी निकालने के लिए दवाई दी जाती है। इससे पाँव भी हल्के रहते हैं। यह दवाई सुबह लेना बेहतर है ताकि रात को बार-बार बाथरूम न जाना पड़े।
खतरनाक लक्षण जिन्हें नज़रअंदाज़ न करें (Red Flags)
यह लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ।
1. बुखार
- अगर तापमान 100.4°F (38°C) से ज़्यादा हो तो इमरजेंसी है।
- बुखार नई वाल्व पर संक्रमण का संकेत हो सकता है। देरी बिलकुल न करें।
2. घाव में सूजन या कुछ निकलना
- घाव की जगह ज़्यादा लाल हो जाए।
- सूजन बढ़े या दर्द हो।
- पानी या खून निकलने लगे।
3. सांस में तकलीफ
- बिना मेहनत के सांस फूलना।
- लेटकर सांस लेना मुश्किल हो जाए।
- रात में बार-बार उठना पड़े सांस के लिए।
4. पाँव भारे लगना या सूजन
- पाँव में अचानक ज़्यादा सूजन आए।
- जोड़ों में दर्द हो।
5. दिल तेज़ धड़कना या रुक-रुक कर धड़कना
- अचानक दिल बहुत तेज़ चले।
- एक बार रुका हुआ लगे या अजीब धड़कन लगे।
6. बेहोशी या चक्कर
- आँखों के आगे अंधेरा आए।
- खुद संभाल न पाएँ।
अगर यह लक्षण आएँ तो Eternal Hospital के इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें या 108 Ambulance बुलाएँ। इंतज़ार नहीं करें।
TAVI के बाद खाना-पीना: क्या खाएँ, क्या नहीं?
नमक कम करें, यह सबसे महत्वपूर्ण डाइट नियम है
नमक दिल के लिए सबसे ज़्यादा तकलीफ देता है। TAVI के बाद:
- खाने में ऊपर से नमक बिलकुल मत डालें।
- अचार, पापड़, बड़ी, कचरी – इनका सेवन बहुत कम करें।
- पैकेज्ड फूड (बिस्कुट, चिप्स, नमकीन) से बचें।
- रोज़ 1.5 से 2 चाय चम्मच नमक पूरे दिन के लिए काफी है।
राजस्थानी खाने में क्या ठीक है?
राजस्थान का खाना घरेलू और स्वादिष्ट होता है, लेकिन कुछ चीज़ें ध्यान से खानी हैं।
खा सकते हैं:
- दाल (मूँग, मसूर, अरहर) – बिलकुल ठीक है, लेकिन नमक कम करें।
- रोटी (गेहूँ का आटा, बाजरा, ज्वार) – बहुत अच्छा है।
- सब्ज़ी (लौकी, टिंडा, तोरी, करेला) – दिल के लिए फायदेमंद।
- दही – एक कटोरी दिन में ठीक है।
- छाछ – नमक/जीरा थोड़ा कम करें।
- गाजर, पालक, मेथी – ज़रूर खाएँ।
सावधानी से खाएँ:
- घी – 1 छोटी चम्मच दिन में काफी है। ज़्यादा नहीं।
- पूरी, कचोरी, पकौड़ा – पहले 1 महीने में बचें।
- मीठा (हलवा, खीर, गुलाब जामुन) – बहुत कम, हफ्ते में एक बार से ज़्यादा नहीं।
यह बिलकुल नहीं खाना:
- बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू – एक बार भी नहीं।
- दारू या शराब।
- ज़्यादा चमकीली मिठाई या ज़्यादा तेल में बनी चीज़ें।
- फ्रिज से निकाला ठंडा पानी सीधे मत पिएँ।
पानी कितना पिएँ?
डॉक्टर के हिसाब से पानी पीने का लक्ष्य तय होगा। अक्सर TAVI मरीज़ों को 1.5 से 2 लीटर पानी दिन में काफी होता है। ज़्यादा मत पिएँ, इससे दिल पर बोझ बढ़ सकता है।
चाय और कॉफी
एक-दो कप दिन में ठीक है। ज़्यादा नहीं। चाय में दूध भी सही है।
रोज़ की ज़िंदगी: कब क्या कर सकते हैं?
पहले 1 हफ्ते में
- घर के अंदर धीरे चलें।
- सोफा या कुर्सी पर बैठें। ज़्यादा देर लेटें नहीं।
- सीढ़ियाँ दिन में एक बार, धीरे-धीरे, किसी के साथ।
- गाड़ी मत चलाएँ।
1 हफ्ते से 2 हफ्ते में
- घर के बाहर धीरे टहल सकते हैं। 5-10 मिनट से शुरू करें।
- खुद खाना बना सकते हैं – हल्के काम।
- सीढ़ियाँ ज़्यादा बार चढ़ सकते हैं, लेकिन सांस फूलने पर ध्यान रखें।
2 हफ्ते से 1 महीने में
- रोज़ 15-20 मिनट की सैर करें। बारिश या ज़्यादा गर्मी में बाहर मत निकलें।
- हल्का योग या सूक्ष्म व्यायाम डॉक्टर की सलाह पर शुरू कर सकते हैं।
- गाड़ी चलाने के बारे में डॉक्टर से पूछें (अक्सर 4 हफ्ते के बाद अनुमति मिलती है)।
नमाज़, पूजा और इबादत
बहुत से राजस्थानी मरीज़ पूछते हैं कि पूजा या नमाज़ कब पढ़ सकते हैं।
- बैठकर पूजा या नमाज़: 1 हफ्ते बाद शुरू कर सकते हैं।
- ज़मीन पर बैठकर (पालथी मारकर): 2-3 हफ्ते बाद, अगर तकलीफ न हो।
- सज्दा या फर्श पर व्यायाम: डॉक्टर की सलाह से, आमतौर पर 4-6 हफ्ते बाद।
मेला, शादी, सफर
- घर के बाहर जाना (पास): 2-3 हफ्ते बाद ठीक है।
- लंबी दूरी की ट्रेन या बस यात्रा: 1 महीने के फॉलो-अप के बाद डॉक्टर से पूछें।
- हवाई सफर: 4-6 हफ्ते बाद अक्सर अनुमति मिलती है, लेकिन डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
TAVI के बाद फॉलो-अप का रोडमैप
फॉलो-अप मिस करना सबसे बड़ी गलती है। यह टेस्ट सिर्फ औपचारिकता नहीं हैं। इनसे पता चलता है कि वाल्व सही काम कर रही है या नहीं।
1 महीने का फॉलो-अप
क्या होगा:
- इकोकार्डियोग्राफी (Echo) – वाल्व की स्थिति और काम जाँचा जाएगा।
- ECG – धड़कन सही है या नहीं।
- खून के टेस्ट – दवाई का असर और किडनी-लिवर की जाँच।
क्यों ज़रूरी है: इस वक्त दवाइयाँ एडजस्ट होती हैं। खून पतला करने की दवाई की डोज़ या समयावधि तय होती है। यह अपॉइंटमेंट कभी मिस नहीं करनी चाहिए।
3 महीने का फॉलो-अप
क्या होगा:
- Echo दोबारा।
- BP और हार्ट रेट जाँच।
- गतिविधि स्तर समीक्षा – अब क्या कर सकते हैं।
क्यों ज़रूरी है: तीन महीने में वाल्व की जो “सेटलिंग” होती है वह पूरी हो जाती है। इस Echo से पुष्टि होती है कि वाल्व सही स्थिति में है।
6 महीने का फॉलो-अप (कुछ मरीज़ों के लिए)
डॉक्टर के हिसाब से कई मरीज़ों को 6 महीने में भी बुलाया जाता है। खासकर अगर:
- कोई लक्षण था।
- दवाई में बदलाव हुआ था।
- और कोई बीमारी जैसे मधुमेह या किडनी की समस्या है।
1 साल का फॉलो-अप
- पूरी जाँच – Echo, ECG, खून के टेस्ट, BP।
- अगले साल का प्लान तय होगा।
- डॉक्टर से पूछें: “अब कितने सालों तक यह वाल्व चलेगी?”
याद रखें: हर फॉलो-अप में यह 3 सवाल ज़रूर पूछें:
- मेरी दवाई सही है या बदलनी है?
- क्या मैं अब ज़्यादा काम कर सकता/सकती हूँ?
- अगली अपॉइंटमेंट कब आनी चाहिए?
डॉ. प्रेम रतन देगावत के बारे में
डॉ. प्रेम रतन देगावत, जयपुर के सबसे अनुभवी इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट में से एक हैं। वे Eternal Hospital में TAVR और Structural Heart Disease Program के Associate Director हैं। उनके नाम 600 से ज़्यादा सफल TAVI प्रक्रियाएँ हैं, जिनमें Bicuspid Valve और Valve in Valve जैसे जटिल केस भी शामिल हैं।
डॉ. देगावत ने Sardar Patel Medical College बीकानेर से MBBS और MD की, और King George’s Medical University लखनऊ से DM (Cardiology) की। इटली के IRCCS Humanitas Research Hospital में उन्होंने Advanced TAVI प्रशिक्षण लिया। वे TAVI, MitraClip, TRI-Clip, TMVR, CAVI और TTVR में प्रमाणित हैं।
जो चीज़ उन्हें अलग बनाती है वह है – वे हर मरीज़ को समय देते हैं। स्थिति को सरल हिंदी में समझाते हैं। परिवार के सवालों का जवाब देते हैं। मरीज़ों का कहना है: “डॉक्टर साहब ने सब कुछ इतना स्पष्ट बताया कि हम बिलकुल निश्चिंत हो गए।”
OPD विवरण:
- अस्पताल: Eternal Hospital, 3A Jagatpura Road, Near Jawahar Circle, Jaipur 302017
- OPD समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक
- Clinic: 6/384, In front of Railway Headquarter, Sector 6, Malviya Nagar, Jaipur
- संपर्क: +91-8960594076
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. TAVI के बाद घर पर अकेले रह सकते हैं?
पहले 1-2 हफ्ते किसी घर वाले का साथ होना ज़रूरी है। घबराहट या कोई लक्षण आए तो अकेले संभलना मुश्किल हो सकता है। तीसरे हफ्ते से डॉक्टर की सलाह के हिसाब से तय करें।
2. TAVI के बाद खून पतला करने की दवाई कितने समय तक लेनी होगी?
यह आपकी वाल्व के प्रकार और स्थिति पर निर्भर करता है। अक्सर 1 महीने से 6 महीने तक। कुछ केस में डॉक्टर पूरी उम्र की दवाई लिखते हैं। 1 महीने के फॉलो-अप पर डॉक्टर तय करेंगे।
3. TAVI के बाद राजस्थानी खाना – घी, दाल, बाजरे की रोटी – खा सकते हैं?
दाल और बाजरे की रोटी बिलकुल ठीक हैं। घी सिर्फ 1 छोटी चम्मच दिन में ठीक है। अचार, पापड़, नमकीन से बचें। नमक कम रखना सबसे ज़रूरी है।
4. TAVI के कितने बाद गाड़ी चला सकते हैं?
अक्सर 4 हफ्ते बाद गाड़ी चलाना अनुमत होता है। लेकिन यह डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह से पुष्टि करें। दोपहिया वाहन पहले 6 हफ्ते तक बचें।
5. क्या TAVI की दवाई देसी नुस्खे से बदल सकते हैं?
बिलकुल नहीं। TAVI के बाद डॉक्टर की दी हुई दवाई बिलकुल ज़रूरी है। कोई भी देसी नुस्खा, जड़ी-बूटी या वैकल्पिक दवाई लेने से पहले डॉ. देगावत से ज़रूर पूछें।
6. TAVI के बाद बुखार आए तो क्या करें?
तुरंत Eternal Hospital जाएँ या 108 एम्बुलेंस बुलाएँ। बुखार वाल्व पर संक्रमण का संकेत हो सकता है। इसे कभी घर पर सामान्य दवाई से ठीक करने की कोशिश न करें।
7. चिरंजीवी योजना में TAVI फॉलो-अप कवर होता है?
Eternal Hospital जयपुर चिरंजीवी योजना और आयुष्मान भारत में पंजीकृत है। फॉलो-अप टेस्ट के बारे में अस्पताल के बिलिंग डेस्क से पता करें। बीमा कार्ड साथ लेकर जाएँ।
8. TAVI के बाद एक साल में क्या-क्या सामान्य होना चाहिए?
एक साल बाद अक्सर मरीज़ सीढ़ियाँ आराम से चढ़ सकते हैं, हल्की सैर कर सकते हैं, और रोज़ के काम बिना साँस फूले कर सकते हैं। Echo में वाल्व ठीक काम करती दिखनी चाहिए। डॉ. देगावत के 600+ केस में अधिकतर मरीज़ बेहतरीन रिकवरी करते हैं।
यह article सामान्य जानकारी के लिए है। अपनी specific medical situation के लिए qualified cardiologist से ज़रूर मिलें।









