आपकी माँ ने कहा – “बस थकान है, ज़्यादा काम कर लिया।”
आपकी भाभी ने कहा – “शायद गैस बन गई है।”
आपकी पड़ोसन ने सोचा – “बुढ़ापे में ऐसा होता है।”
और फिर एक दिन अचानक सब कुछ बदल गया।
यह कहानी हर शहर में, हर गली में हो रही है। महिलाओं में heart attack के symptoms इतने अलग होते हैं कि खुद मरीज़ भी नहीं पहचान पाती। कई बार डॉक्टर भी पहली जाँच में चूक जाते हैं।
जयपुर के वरिष्ठ interventional cardiologist Dr. Prem Ratan Degawat कहते हैं – “हमारे पास आने वाली कई महिला मरीज़ों ने बताया कि उन्होंने लक्षण महीनों पहले महसूस किए थे। पर उन्हें heart attack जैसा नहीं लगा।”
यह लेख उन्हीं महिलाओं के लिए है – और उनके परिवार के लिए – जो सच जानना चाहते हैं।
महिलाओं का Heart Attack पुरुषों से अलग क्यों होता है?
पुरुषों में heart attack का एक “classic” तरीका होता है। बायीं तरफ तेज़ सीने में दर्द, बाँह में दर्द, पसीना। यही लक्षण हमने फिल्मों में देखे हैं। यही medical textbooks में पहले पढ़ाया जाता था।
लेकिन महिलाओं का दिल अलग तरह से काम करता है।
दिल की नसों का फर्क
पुरुषों में अक्सर बड़ी coronary arteries (दिल की धमनियाँ) में blockage होती है। महिलाओं में छोटी, पतली नसों में भी blockage हो सकती है। इसे “small vessel disease” या “microvascular disease” कहते हैं।
इसीलिए महिलाओं में सीने में वो भारी, कुचलने जैसा दर्द अक्सर नहीं होता। उनके लक्षण धीरे-धीरे आते हैं। और वो किसी और बीमारी जैसे लगते हैं।
हार्मोन का असर
जब तक महिलाओं में periods होते हैं, estrogen hormone उनके दिल की कुछ हद तक सुरक्षा करता है। लेकिन menopause के बाद यह सुरक्षा कम हो जाती है। इसीलिए 50 साल के बाद महिलाओं में heart disease का खतरा तेज़ी से बढ़ता है।
वो 7 Symptoms जो महिलाएं अक्सर ignore कर देती हैं
1. असाधारण थकान
यह वो थकान नहीं जो कड़ी मेहनत के बाद आती है। यह अजीब, भारी थकान होती है जो बिना कारण आती है। सुबह उठते ही थकान। थोड़ा चलने पर ही साँस फूल जाना।
बहुत सी महिलाएं इसे “बुढ़ापा है” कह कर टाल देती हैं। पर यह heart का warning signal हो सकता है।
2. जबड़े, गर्दन या पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द
पुरुषों में बाँह में दर्द होता है। महिलाओं में दर्द जबड़े में, गर्दन में, या कंधों के बीच पीठ में हो सकता है। यह दर्द आता-जाता रहता है। इसे दाँत का दर्द या muscle pain समझ लिया जाता है।
अगर यह दर्द बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार आए, तो doctor से ज़रूर मिलें।
3. जी मचलाना, उल्टी जैसा लगना
Heart attack के दौरान महिलाओं को अक्सर जी मचलाता है। पेट खराब लगता है। यह लक्षण इतना “common” लगता है कि लोग इसे acidity या gas समझ लेते हैं।
राजस्थान में खाने में मसालेदार खाना common है। इसलिए यह लक्षण और भी आसानी से ignore हो जाता है।
4. सीने में हल्की बेचैनी या दबाव
महिलाओं में chest pain हमेशा तेज़ नहीं होता। यह एक हल्का दबाव हो सकता है। एक जकड़न। एक अजीब सी बेचैनी।
बहुत सी महिलाएं कहती हैं – “लगा जैसे सीने पर कुछ रखा है।” यह सीधे-सीधे heart attack का signal हो सकता है।
5. साँस फूलना – बिना मेहनत के
सीढ़ियाँ चढ़ने पर साँस फूले – यह समझ में आता है। लेकिन लेटे-लेटे या बैठे-बैठे साँस फूले, तो यह serious है।
इसे कभी “बस ऐसे ही है” कह कर नहीं छोड़ना चाहिए।
6. चक्कर आना या बेहोशी जैसा लगना
अचानक सिर घूमना। आँखों के सामने अँधेरा आना। लगना जैसे गिर जाएँगे। ये लक्षण blood pressure की समस्या भी हो सकते हैं, लेकिन heart को भी check करवाना ज़रूरी है।
7. नींद में परेशानी और अजीब सी घबराहट
Heart attack से पहले कई महिलाओं को रात को ठीक से नींद नहीं आती। बिना कारण डर लगता है। बेचैनी रहती है।
यह symptom सबसे ज़्यादा ignore होता है क्योंकि इसे “tension” या “anxiety” मान लिया जाता है।
“लगा था गैस है” – एक ज़रूरी बात
जयपुर में एक 58 साल की महिला को तीन दिन से पेट में बेचैनी थी। उल्टी जैसा लग रहा था। उन्होंने antacid लिया। थोड़ा आराम भी आया।
चौथे दिन वो Eternal Hospital के emergency में आईं। जाँच हुई तो पता चला – heart attack हो चुका था। नस में blockage थी।
यह कोई अकेला case नहीं है। Eternal Hospital में Dr. Degawat ऐसी कई महिला मरीज़ों को देखते हैं जो “acidity” या “gastric problem” समझ कर आती हैं।
इसीलिए: अगर पेट की बेचैनी के साथ थकान, साँस फूलना, या पसीना भी हो – तो पहले heart check करवाएँ।
किन महिलाओं को सबसे ज़्यादा खतरा है?
1. Menopause के बाद की महिलाएं (50+)
Estrogen हार्मोन कम होने के बाद heart disease का खतरा पुरुषों के बराबर हो जाता है।
2. Diabetes से पीड़ित महिलाएं
Diabetic महिलाओं में heart attack का खतरा non-diabetic की तुलना में 4-6 गुना ज़्यादा होता है। और उनमें chest pain का लक्षण और भी कम दिखता है।
3. परिवार में heart disease का इतिहास
अगर माँ, बहन, या नानी को 65 साल से पहले heart disease हुई हो, तो आपको ज़्यादा सावधान रहना है।
4. High blood pressure वाली महिलाएं
BP अगर लंबे समय से बढ़ा हुआ है और control नहीं है, तो heart attack का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
5. धूम्रपान करने वाली महिलाएं
महिलाओं में smoking का दिल पर पुरुषों से ज़्यादा बुरा असर पड़ता है।
6. तनाव में रहने वाली महिलाएं
घर, बच्चे, बीमार माँ-बाप – राजस्थान की महिलाएं अक्सर खुद का तनाव नज़रअंदाज़ करती हैं। लंबे समय का mental stress दिल को नुकसान पहुँचाता है।
महिलाओं के लिए कौन से Tests ज़रूरी हैं?
Standard ECG अकेला काफी नहीं होता। महिलाओं में heart की जाँच के लिए यह tests भी ज़रूरी हो सकते हैं:
- Stress Echocardiography (Echo) – दिल की pump करने की क्षमता जाँचता है
- CT Coronary Angiography – नसों में blockage का पता लगाता है, बिना चीरफाड़ के
- Lipid Profile – cholesterol और triglycerides की जाँच
- HbA1c – diabetes की average जाँच
- hs-CRP – heart में inflammation की जाँच
- Holter Monitor – 24 घंटे की heart activity record करता है
अगर लक्षण हैं पर normal ECG आई है, तो यहीं रुकें नहीं। Dr. Degawat जैसे specialist से आगे की जाँच करवाएँ।
महिलाओं में Heart Disease का इलाज – क्या होता है देरी से?
Studies बताते हैं कि महिलाओं में heart attack की पहचान पुरुषों की तुलना में औसतन 1-2 घंटे देर से होती है। इस देरी की बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ती है।
Heart attack में हर मिनट मायने रखता है। जितनी जल्दी treatment मिले, दिल का उतना कम हिस्सा damage होता है।
इसीलिए लक्षण दिखें तो तुरंत action लें। इंतज़ार न करें।
Dr. Prem Ratan Degawat के बारे में
Dr. Prem Ratan Degawat जयपुर के सबसे अनुभवी interventional cardiologists में से एक हैं। वो Eternal Hospital, जयपुर में TAVR और Structural Heart Disease Program के Associate Director हैं। साथ ही Mitral और Tricuspid Valve Program के Director भी हैं।
उन्होंने 600 से ज़्यादा TAVI (transcatheter aortic valve implantation) procedures किए हैं। इनमें complex cases जैसे Bicuspid Valve और Valve in Valve replacements भी शामिल हैं।
Dr. Degawat ने MBBS और MD Sardar Patel Medical College, Bikaner से किया। DM (Cardiology) King George’s Medical University, Lucknow से की। Italy के IRCCS Humanitas Research Hospital में advanced training भी ली।
वो महिला cardiac patients के cases को विशेष ध्यान और समय देते हैं। उनका मानना है कि सही diagnosis के लिए मरीज़ की पूरी बात सुनना ज़रूरी है।
OPD विवरण:
- अस्पताल: Eternal Hospital, 3A Jagatpura Road, Near Jawahar Circle, Jaipur 302017
- OPD समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक
- Clinic: 6/384, In front of Railway Headquarter, Sector 6, Malviya Nagar, Jaipur, Rajasthan 302017
- संपर्क: +91-8960594076
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या महिलाओं में heart attack के समय सीने में दर्द नहीं होता?
हमेशा नहीं होता। बहुत सी महिलाओं में chest pain की जगह थकान, जी मचलाना, जबड़े में दर्द, या पीठ में दर्द होता है। यही कारण है कि महिलाओं में heart attack पहचानना मुश्किल होता है।
Q2. Menopause के बाद heart attack का खतरा कितना बढ़ता है?
Menopause के बाद estrogen हार्मोन कम हो जाता है। इससे heart disease का खतरा लगभग पुरुषों के बराबर हो जाता है। 50-60 साल की उम्र के बाद regular cardiac checkup ज़रूरी है।
Q3. Diabetic महिलाओं को कौन से symptoms पर ध्यान देना चाहिए?
Diabetes में nerve damage हो सकता है जिससे chest pain कम महसूस होता है। इसीलिए diabetic महिलाओं को थकान, साँस फूलना, और unexplained fatigue को गंभीरता से लेना चाहिए।
Q4. जयपुर में महिलाओं के heart attack की जाँच कहाँ होती है?
Eternal Hospital, Jagatpura Road, Jaipur में Dr. Prem Ratan Degawat female cardiac patients की detailed evaluation करते हैं। ECG, Echo, और CT Angiography जैसी सभी जाँचें यहाँ उपलब्ध हैं।
Q5. क्या Chiranjeevi Yojana में महिलाओं का heart का इलाज होता है?
हाँ। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में cardiac procedures cover होते हैं। Eternal Hospital, Jaipur इस योजना में empanelled है। Jan Aadhaar card ले जाएँ और cashless इलाज का फायदा उठाएँ।
Q6. Heart attack का खतरा महसूस हो तो क्या करें?
घबराएँ नहीं, लेकिन देरी भी न करें। तुरंत 108 ambulance call करें या नज़दीकी hospital के emergency में जाएँ। सीने में दर्द, साँस फूलना, या बेहोशी जैसा लगे तो एक मिनट भी इंतज़ार न करें।
Q7. क्या young महिलाओं को भी heart attack हो सकता है?
हाँ, ज़रूर हो सकता है। खासकर अगर smoking हो, severe stress हो, PCOD हो, या autoimmune disease हो। 35-40 साल की महिलाओं में भी heart attack के cases देखे जाते हैं।
Q8. Dr. Degawat से Jaipur में appointment कैसे लें?
+91-8960594076 पर call करें। Eternal Hospital में Monday से Saturday, सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक OPD चलती है। आप अपने परिवार की महिला सदस्य के साथ भी आ सकते हैं।









