हर 3 में से 1 भारतीय को हाई ब्लड प्रेशर है – क्या आप जानते हैं अपना नंबर? अगर नहीं, तो आप अकेले नहीं हैं। भारत में 22 करोड़ लोग हाई BP से पीड़ित हैं, लेकिन केवल 12% लोगों का ब्लड प्रेशर नियंत्रण में है।
हाई ब्लड प्रेशर को “साइलेंट किलर” कहा जाता है। यह बिना किसी लक्षण के आपके दिल को नुकसान पहुंचाता रहता है। Dr. Prem Ratan Degawat, जयपुर के प्रसिद्ध इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, बताते हैं कि समय पर पहचान और इलाज से हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचा जा सकता है।
भारत में हाई ब्लड प्रेशर की गंभीर स्थिति
भारत में हाई BP की समस्या तेज़ी से बढ़ रही है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
- 22 करोड़ वयस्कों को हाई BP है
- हर 3 में से 1 भारतीय प्रभावित है
- युवा वयस्कों (20-39 वर्ष) में 19% को हाई BP है
- केवल 51% लोगों को अपनी स्थिति के बारे में पता है
- सिर्फ 12% लोगों का BP नियंत्रण में है
भारत में हाई BP के कारण 57% स्ट्रोक की मौतें और 24% हार्ट अटैक की मौतें होती हैं। यह देश में सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है।
ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का ख़तरनाक कनेक्शन
हाई ब्लड प्रेशर आपके दिल को कैसे नुकसान पहुंचाता है? समझिए इस प्रक्रिया को:
धमनियों को नुकसान: जब BP लगातार बढ़ा रहता है, तो यह आपकी धमनियों की दीवारों को नुकसान पहुंचाता है। ये दीवारें सख्त और मोटी हो जाती हैं।
प्लाक जमा होना: क्षतिग्रस्त धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और वसा जमा होने लगती है। इसे प्लाक कहते हैं। यह धमनियों को संकरा बना देता है।
खून का प्रवाह कम होना: संकरी धमनियों में खून का प्रवाह कम हो जाता है। दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती।
हार्ट अटैक: जब प्लाक फट जाता है या धमनी पूरी तरह बंद हो जाती है, तो हार्ट अटैक होता है।
लक्षण जो नज़रअंदाज़ न करें
हाई BP को “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि अक्सर कोई लक्षण नहीं होते। लेकिन कुछ संकेत जो सावधान करते हैं:
हाई BP के लक्षण:
- सिर में लगातार दर्द
- सिर चकराना
- धुंधला दिखाई देना
- सांस फूलना
- नाक से खून आना
- छाती में दर्द या बेचैनी
हार्ट की समस्या के संकेत:
- छाती में दबाव या जकड़न
- बाएं बाजू, जबड़े या पीठ में दर्द
- अत्यधिक थकान
- अनियमित दिल की धड़कन
- पैरों में सूजन
आपातकालीन लक्षण:
- गंभीर सीने में दर्द
- गंभीर सिरदर्द
- सांस लेने में भारी कठिनाई
- भ्रम या बेहोशी
अगर आपको ये लक्षण दिखें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
जयपुर में उपलब्ध उन्नत इलाज
Dr. Prem Ratan Degawat जयपुर में हाई BP और हृदय रोग के लिए नवीनतम इलाज प्रदान करते हैं। उनकी विशेषज्ञता में शामिल हैं:
1. व्यापक निदान सेवाएं
मूल जांच:
- ब्लड प्रेशर की नियमित मॉनिटरिंग
- ECG और इकोकार्डियोग्राम
- ब्लड टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल, किडनी फंक्शन)
- 24 घंटे BP मॉनिटरिंग
उन्नत जांच:
- कार्डियक कैथेटराइजेशन
- कोरोनरी एंजियोग्राफी
- स्ट्रेस टेस्ट
- CT एंजियोग्राफी
2. मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाएं
एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग: हाई BP के कारण बंद हो चुकी धमनियों को खोलने के लिए। यह प्रक्रिया सुरक्षित है और रिकवरी तेज़ होती है।
TAVI (ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन): हाई BP से प्रभावित हार्ट वाल्व के इलाज के लिए। बिना ओपन हार्ट सर्जरी के वाल्व बदला जाता है। TAVI के बारे में और जानें
MitraClip थेरेपी: माइट्रल वाल्व की समस्याओं के लिए। हाई BP के कारण क्षतिग्रस्त वाल्व की मरम्मत बिना सर्जरी के की जाती है। MitraClip के बारे में विस्तार से पढ़ें
कैथेटर एब्लेशन: हाई BP से संबंधित अनियमित दिल की धड़कन (arrhythmia) का इलाज।
3. दवाई से उपचार
BP कम करने की दवाएं:
- ACE इनहिबिटर्स
- बीटा ब्लॉकर्स
- कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स
- मूत्रवर्धक (Diuretics)
- ARBs (एंजियोटेंसिन रिसेप्टर ब्लॉकर्स)
Dr. Degawat हर मरीज़ के लिए दवाओं का सही कॉम्बिनेशन तैयार करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि दवाओं के कम से कम साइड इफेक्ट्स हों।
दवाई और जीवनशैली में ज़रूरी बदलाव
केवल दवाई काफी नहीं है। जीवनशैली में बदलाव बेहद ज़रूरी है:
आहार में बदलाव
खाएं:
- ताज़े फल और सब्जियां
- साबुत अनाज
- कम वसा वाली डेयरी प्रोडक्ट्स
- मछली और नट्स
- लहसुन और अदरक
बचें:
- अधिक नमक (दिन में 5 ग्राम से कम)
- तला हुआ खाना
- प्रोसेस्ड फूड
- अधिक मीठा
- शराब
व्यायाम की आदत
- रोज़ाना 30-40 मिनट वॉक करें
- योग और प्राणायाम करें
- तैराकी या साइकिलिंग करें
- वज़न कम करें (अगर मोटापा है)
तनाव प्रबंधन
- पर्याप्त नींद लें (7-8 घंटे)
- ध्यान (मेडिटेशन) करें
- शौक को समय दें
- परिवार के साथ समय बिताएं
बुरी आदतें छोड़ें
- धूम्रपान तुरंत बंद करें
- तंबाकू का सेवन न करें
- शराब सीमित करें या छोड़ दें
नियमित जांच क्यों ज़रूरी है
हाई BP में नियमित जांच जीवन बचा सकती है। यहाँ बताया गया है क्यों:
शुरुआती पहचान: बिना लक्षण वाला हाई BP भी नुकसान कर रहा होता है। नियमित जांच से समय पर पता चल जाता है।
जटिलताओं से बचाव: समय पर इलाज शुरू करने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर से बचा जा सकता है।
दवाओं की प्रभावशीलता: नियमित जांच से पता चलता है कि दवाएं काम कर रही हैं या नहीं।
जोखिम मूल्यांकन: डॉक्टर आपके हार्ट अटैक के जोखिम का आकलन कर सकते हैं।
कितनी बार जांच करानी चाहिए?
सामान्य BP (120/80 से कम):
- हर 2 साल में एक बार
प्री-हाइपरटेंशन (120-129/80-89):
- हर साल
हाई BP (130/80 से अधिक):
- डॉक्टर की सलाह अनुसार (आमतौर पर महीने में एक बार शुरुआत में)
अन्य जोखिम कारक हैं:
- हर 3 महीने में
Dr. Prem Ratan Degawat: आपके दिल के विशेषज्ञ
Dr. Prem Ratan Degawat जयपुर के सबसे अनुभवी इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट में से एक हैं। हाई BP और हृदय रोग के इलाज में उनकी विशेषज्ञता अद्वितीय है।
शिक्षा और अनुभव:
- प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेषज्ञता
- 15+ वर्षों का नैदानिक अनुभव
- हज़ारों सफल कार्डियक प्रक्रियाएं
विशेषज्ञता के क्षेत्र:
- कोरोनरी एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग
- TAVI (वाल्व रिप्लेसमेंट)
- MitraClip (वाल्व रिपेयर)
- कैथेटर एब्लेशन
- जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन
- हाई BP प्रबंधन
व्यक्तिगत देखभाल: Dr. Degawat हर मरीज़ के लिए अनुकूलित इलाज योजना बनाते हैं। वे मरीज़ की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, और जीवनशैली को ध्यान में रखते हैं।
नवीनतम तकनीक: जयपुर में Dr. Degawat की सुविधा में नवीनतम कार्डियक इमेजिंग और इंटरवेंशनल उपकरण उपलब्ध हैं।
हाई BP की गंभीरता को समझें
हाई BP को हल्के में न लें। यह धीरे-धीरे आपके शरीर को नुकसान पहुंचाता है:
दिल पर प्रभाव:
- हार्ट अटैक का खतरा 3 गुना बढ़ जाता है
- हार्ट फेलियर हो सकता है
- दिल बड़ा हो जाता है (कार्डियक हाइपरट्रॉफी)
मस्तिष्क पर प्रभाव:
- स्ट्रोक का खतरा 5 गुना बढ़ जाता है
- याददाश्त कमजोर होती है
- डिमेंशिया का खतरा बढ़ता है
किडनी पर प्रभाव:
- किडनी फेलियर हो सकता है
- डायलिसिस की ज़रूरत पड़ सकती है
आंखों पर प्रभाव:
- रेटिना को नुकसान
- दृष्टि खोने का खतरा
आज ही कार्रवाई करें
हाई BP एक गंभीर समस्या है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है। समय पर इलाज शुरू करने से आप स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
अपना BP चेक करें: अगर आपने पिछले साल BP नहीं चेक कराया है, तो आज ही करवाएं।
Dr. Degawat से परामर्श लें: अगर आपका BP 130/80 से अधिक है या आपको लक्षण हैं, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
अपॉइंटमेंट बुक करें: Dr. Prem Ratan Degawat के साथ व्यापक हृदय जांच के लिए संपर्क करें। जयपुर में उन्नत कार्डियक केयर अब आपके पास है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. नॉर्मल ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए?
नॉर्मल BP 120/80 mmHg से कम होना चाहिए। 120-129/80 से कम को प्री-हाइपरटेंशन माना जाता है। 130/80 या अधिक हाई BP है।
2. क्या हाई BP ठीक हो सकता है?
हाई BP को पूरी तरह “ठीक” नहीं किया जा सकता, लेकिन दवाओं और जीवनशैली में बदलाव से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ मामलों में, वज़न कम करने से दवाओं की ज़रूरत कम हो जाती है।
3. हाई BP की दवा कब तक लेनी पड़ती है?
ज़्यादातर लोगों को जीवनभर दवा लेनी पड़ती है। दवा बंद करने से BP फिर बढ़ सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा कभी बंद न करें।
4. क्या युवाओं को भी हाई BP हो सकता है?
हाँ। भारत में 19% युवा वयस्कों (20-39 वर्ष) को हाई BP है। अनहेल्दी जीवनशैली, मोटापा, और तनाव मुख्य कारण हैं।
5. हाई BP में कौन सा खाना नहीं खाना चाहिए?
अधिक नमक, तला हुआ खाना, प्रोसेस्ड फूड, अचार, पापड़, बाहर का खाना, रेड मीट, और अधिक मीठा बचें। दिन में 5 ग्राम से कम नमक लें।
6. TAVI और MitraClip क्या हैं?
TAVI और MitraClip मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाएं हैं। TAVI में एओर्टिक वाल्व बिना सर्जरी के बदला जाता है। MitraClip में माइट्रल वाल्व की मरम्मत की जाती है। दोनों हाई BP से क्षतिग्रस्त वाल्व के लिए सुरक्षित विकल्प हैं।
7. जयपुर में हृदय रोग का इलाज कैसा है?
जयपुर में Dr. Prem Ratan Degawat जैसे अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट उपलब्ध हैं जो नवीनतम तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ इलाज प्रदान करते हैं। एंजियोप्लास्टी, TAVI, MitraClip जैसी उन्नत प्रक्रियाएं अब जयपुर में उपलब्ध हैं।
8. BP चेक करने का सही तरीका क्या है?
BP चेक करने से पहले 5 मिनट आराम करें। बैठी स्थिति में, बाजू हृदय के स्तर पर रखकर मापें। सुबह और शाम दोनों समय चेक करें। लगातार 2-3 दिन उच्च रीडिंग मिले तो डॉक्टर से मिलें।


