हार्ट अटैक के बाद ज़रूरी सावधानियां

हार्ट अटैक के बाद सावधानी बरतने के लिए किन बातों का रखें ख्याल

हार्ट अटैक के बाद जीवनशैली में बदलाव और सही देखभाल बेहद जरूरी होती है। इस समय शरीर और दिल दोनों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।
कार्डियक रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेम रतन डेगावत बताते हैं कि सही खानपान, नियमित दवाइयों और संतुलित जीवनशैली से हार्ट अटैक के बाद भी एक स्वस्थ जीवन संभव है।

हार्ट अटैक के बाद सावधानी क्यों जरूरी है?

हार्ट अटैक के बाद दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में दोबारा अटैक या अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।
यदि मरीज समय पर सावधानी बरतें और डॉक्टर की सलाह का पालन करें, तो यह जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।

1. नियमित दवाइयां और डॉक्टर की सलाह का पालन करें

  • दवाइयां ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड क्लॉट को नियंत्रित रखती हैं।
  • डॉक्टर की अनुमति के बिना कोई भी दवा बंद न करें।
  • समय-समय पर फॉलो-अप विजिट करते रहें ताकि हृदय की स्थिति का सही मूल्यांकन होता रहे।

डॉ. प्रेम रतन डेगावत कहते हैं:
“हार्ट अटैक के बाद दवाइयां दिल की सुरक्षा कवच की तरह काम करती हैं। इन्हें नजरअंदाज करना बेहद खतरनाक हो सकता है।”

2. संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं

हार्ट अटैक के बाद सही भोजन दिल को मजबूत बनाता है।

  • ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीनयुक्त आहार लें।
  • नमक और चीनी का सेवन सीमित करें।
  • तले और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
  • पर्याप्त पानी पिएं और ओवरईटिंग से परहेज़ करें।

सही आहार दिल की रिकवरी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

3. हल्का व्यायाम और फिजिकल एक्टिविटी

हार्ट अटैक के तुरंत बाद आराम जरूरी है, लेकिन धीरे-धीरे सक्रिय रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की वॉक से शुरुआत करें।
  • योग, ध्यान और गहरी सांस लेने वाले अभ्यास अपनाएं।
  • धीरे-धीरे शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं, लेकिन शरीर की क्षमता के अनुसार ही।

4. धूम्रपान और शराब से पूरी तरह परहेज़ करें

  • सिगरेट या तंबाकू दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचाते हैं और दोबारा हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं।
  • शराब ब्लड प्रेशर को असंतुलित करती है और दवाइयों के असर को कम कर सकती है।

दिल को स्वस्थ रखना है तो इन दोनों से दूरी बनाना अनिवार्य है।

5. तनाव को नियंत्रित करें और पर्याप्त नींद लें

मानसिक तनाव हार्ट डिजीज का छुपा हुआ कारण है।

  • योग, ध्यान और रिलैक्सेशन एक्सरसाइज़ अपनाएं।
  • रोजाना कम से कम 7–8 घंटे की नींद लें।
  • परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं ताकि मन प्रसन्न रहे।

शांत मन और सकारात्मक सोच दिल को मजबूत रखते हैं।

6. नियमित जांच और फॉलो-अप टेस्ट करवाएं

हार्ट अटैक के बाद स्वास्थ्य की निगरानी लगातार करते रहना जरूरी है।
नियमित जांचों में शामिल हैं –

  • ईसीजी और ईकोकार्डियोग्राम
  • लिपिड प्रोफाइल
  • ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल

इनसे डॉक्टर को आपके हृदय की रिकवरी की स्थिति का पता चलता है और किसी भी जोखिम को समय रहते रोका जा सकता है।

निष्कर्ष

हार्ट अटैक के बाद जीवन खत्म नहीं होता, बल्कि नई शुरुआत का अवसर देता है।
सावधानी, अनुशासन और डॉक्टर की सही गाइडेंस से दिल को दोबारा स्वस्थ बनाया जा सकता है।

जैसा कि डॉ. प्रेम रतन डेगावत कहते हैं:

“हार्ट अटैक के बाद जीवन को समझदारी और संतुलन के साथ दोबारा शुरू करना ही असली रिकवरी है।”

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार से पहले अपने डॉक्टर या कार्डियोलॉजिस्ट से परामर्श अवश्य करें।